ZINDAGI KI NAAV – MOTIVATIONAL STORY IN HINDI

समय अच्छा हो या ख़राब, आप बहुत BUSY हों या पूरी तरह ख़ाली; वक़्त गुज़रता जाता है। ज़िंदगी बीत ही जाती है। ख़ुद के लिए वक़्त निकालना ज़रूरी है और ये समझना भी कि ज़िंदगी में सबसे ज़्यादा ज़रूरी क्या है । MOTIVATIONAL STORIES IN HINDI में आज पढ़िए ज़िंदगी का अहम सबक सिखाती ये कहानी ZINDAGI KI NAAV

– “हर काम बड़ा महत्वपूर्ण है”

एक आदमी ने एक पेंटर को अपने घर बुलाया और अपनी नाव दिखाकर कहा “इसे पेंट कर दो !”

उस पेंटर ने पेंट लेकर उस नाव को लाल रंग से पेंट कर दिया, जैसा कि नाव का मालिक चाहता था ।

फिर पेंटर ने अपने पैसे लिए और चला गया ।

अगले दिन, पेंटर के घर पर वह नाव का मालिक पहुँच गया, और उसने उस पेंटर को एक बहुत बड़ी धनराशि का चेक दिया ।

पेंटर भौंचक्का रह गया। उसने पूछा – “ये किस बात के इतने पैसे हैं ? मेरे पैसे तो आपने कल ही दे दिए थे।”

मालिक ने कहा – “ये पेंट का पैसा नहीं है, बल्कि ये उस नाव में जो “छेद” था, उसको रिपेयर करने का पैसा है ।”

पेंटर ने कहा – “अरे साहब, वो तो एक छोटा सा छेद था, सो मैंने बंद कर दिया था । उस छोटे से छेद के लिए इतना पैसा, मुझे ठीक नहीं लग रहा है । मैं ये पैसे नहीं लूँगा।”

मालिक ने कहा – “दोस्त, तुम्हें पूरी बात पता नहीं ! अच्छा, मै विस्तार से समझाता हूँ।” हुआ ये कि जब मैंने तुम्हें पेंट के लिए कहा तो जल्दबाजी में तुम्हें ये बताना भूल गया कि नाव में एक छेद है उसको रिपेयर कर देना । जब पेंट सूख गया, तो मेरे दोनों बच्चे उस नाव को समुद्र में लेकर नौकायन के लिए  निकल गए । मैं उस वक़्त घर पर नहीं था,लेकिन जब लौट कर आया और अपनी पत्नी से ये सुना कि बच्चे नाव को लेकर नौकायन पर निकल गए हैं ।

तो मैं बदहवास हो गया। क्योंकि मुझे याद आया कि नाव में तो छेद है !

मैं गिरता-पड़ता भागा उस तरफ, जिधर मेरे प्यारे बच्चे गए थे। लेकिन थोड़ी दूर पर मुझे मेरे बच्चे दिख गए, जो सकुशल वापस आ रहे थे ।

अब मेरी ख़ुशी का आलम क्या रहा होगा, तुम समझ सकते हो ।

फिर मैंने छेद चेक किया, तो पता चला कि, मुझे बिना बताये तुम उसको रिपेयर कर चुके हो ।

तो मेरे दोस्त उस महान कार्य के लिए तो ये पैसे भी बहुत थोड़े हैं ।

मेरी औकात नहीं कि उस कार्य के बदले तुम्हे ठीक ठाक पैसे दे पाऊं ।

जीवन मे “भलाई का कार्य” जब मौका लगे, हमेशा कर देना चाहिए, भले ही वो बहुत छोटा सा कार्य ही क्यों न हो ।

क्योंकि कभी-कभी वो छोटा सा कार्य भी, किसी के लिए बहुत अमूल्य हो सकता है।

सभी अपनों को जिन्होने ‘हमारी ज़िन्दगी की नाव’ कभी भी रिपेयर की है उन्हें हार्दिक धन्यवाद !

सदैव प्रयत्नशील रहें कि हम भी किसी की ‘नाव’ रिपेयरिंग करने के लिए हमेशा तत्पर रहें ।

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