KUMUD MISHRA, RAJESH SHARMA की बढ़ती लोकप्रियता

क्या ‘गैंग्स ऑफ़ वासेपुर’ के पहले आपने नवाज़ुद्दीन और पंकज त्रिपाठी का नाम सुना था ? क्या ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज के पहले आप ‘राजू श्रीवास्तव’ नाम से परिचित थे ? क्या आपको याद है दीपिका पदुकोन का नाम आपने पहली बार कब सुना था ? ( 99 प्रतिशत सम्भावना तो यही है कि ओम शांति ओम के वक़्त सुना हो ) तो हर मशहूर चेहरा जिसे आज आप चेहरे और नाम दोनों से जानते है हर उस इन्सान के संघर्ष की लम्बी कहानी होती है | जो लोग स्वर्ण आवरण वाले चमकदार भाग्य के होते हैं उनके जीवन में ये मकाम जल्दी भी आ जाता है | लेकिन बॉलीवुड या मनोरंजन उद्योग बड़ी बेरहम जगह है | यहाँ नाम बनाना चैलेंज है पर उससे भी बड़ा चैलेंज है उसे बनाये रखना |

अगर आप फ़िल्में देखते हैं तो यकीनन ये चेहरे आपने पहचान लिए होंगे पर क्या आप इन दो बेहतरीन एक्टर्स के नाम भी जानते हैं ? ये एक्टर्स हैं कुमुद मिश्र और राजेश शर्मा | अब इनके काम के बारे में बात करते हैं | काम से मेरा आशय है वो फ़िल्में या प्रोजेक्ट्स जिनमें अपनी अदाकारी से इन्होने दर्शकों को लुभाया |

( कुमुद मिश्रा ) KUMUD MISHRA

नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा ( NSD) से प्रशिक्षित कुमुद ने थिएटर से शुरुवात की | उनके पिता ने उन्हें भोपाल में भारत भवन कल्चर सेंटर जाने के लिए प्रेरित किया | काफ़ी वक़्त वो भारत भवन से जुड़े रहे | थिएटर आर्टिस्ट सत्यदेव दुबे ने उन्हें मुंबई में एक फ़िल्म के ऑडिशन के लिए बुलाया | मुंबई में वो पृथ्वी थिएटर से जुड़ गये और प्ले देखना आज भी उनका शगल है | मै ख़ुद जबलपुर में उनका प्ले ‘धूम्रपान’ देखने से चूक गया जिसका मुझे मलाल है | 1995  में दूरदर्शन पर प्रसारित ‘स्वाभिमान’ में भी उन्होंने अभिनय किया है |

फिल्मोग्राफी ( FILMOGRAPHY )

सरदारी बेगम से डेब्यू करने वाले कुमुद ने देट गर्ल इन यलो बूट्स,फिल्मिस्तान, रॉकस्टार ( यहाँ से उन्हें अच्छी तरह नोटिस किया जाने लगा ) राँझना, बदलापुर, सुल्तान, दे दे प्यार दे, आर्टिकल 15 जैसी फिल्मो में अलग-अलग भूमिकाओं से उन्होंने साबित कर दिया है कि वो एक वर्सटाइल एक्टर हैं और अभिनय की दुनिया में एक लोकप्रिय और स्थापित नाम बन चुके हैं | ‘लड्डू’ नामक शॉर्ट फ़िल्म को भी काफ़ी पसंद किया जा रहा है |

( राजेश शर्मा ) RAJESH SHARMA

राजेश मूलतः पंजाब से हैं और उन्होंने भी NSD से शिक्षा प्राप्त की है | कोलकाता में ‘रंगकर्मी’ थिएटर ग्रुप से वो लम्बे समय तक जुड़े रहे |

 फिल्मोग्राफी ( FILMOGRAPHY )

बहुत सी बंगाली फिल्मों में काम कर चुके राजेश की बॉलीवुड यात्रा 1996 की फिल्म माचिस से हुई थी (माचिस फ़िल्म अगर आप भूल भी जाएँ, चप्पा-चप्पा चरखा चले गीत नही भूला जा सकता )खोंसला का घोंसला,इश्क़िया,चिल्हर पार्टी,लव शव ते चिकन खुराना ( इस फिल्म के बाद उन्हें ज्यादा बड़े दर्शकवर्ग में पहचाना जाने लगा ) स्पेशल 26, तनु वेड्स मनु रिटर्न्स ( ये मज़ेदार फ़िल्म आपको जरूर देखनी चाहिए और इसमें इनकी भूमिका भी बहुत ही अच्छी है ) बजरंगी भाईजान जैसी चर्चित और हिट फिल्मो में राजेश के अभिनय को ख़ूब सराहा गया है | और आखिर में मै आपसे ये कहना चाहूँगा की मूवीज़ में हर किरदार की अपनी अहमियत और मेहनत होती है | अच्छे अभिनेता की प्रशंसा ज़रूर होनी चाहिए, ये सिर्फ़ हीरो या हीरोइन तक सीमित न हो | अगर आप इन दोनों अभिनेता को एक ही फ़िल्म में देखना चाहें आपको कौनसी फ़िल्म देखनी होगी ? जवाब आप कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं |

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