IAS KA RUTBA MOTIVATIONAL STORY

MOTIVATIONAL STORY

आज की MOTIVATIONAL STORY में हम आपको बताएंगे कि जब एक समर्पित युवा कठोर परिश्रम बनकर भारत की सबसे प्रतिष्ठित सेवा में चयनित होता है और अगर असहाय व्यक्ति की पीड़ा को समझता है तो वह किस तरह तत्काल निर्णय लेकर समाज में एक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करता है। पढ़िए आज के ब्लॉग में ये छोटा सा किन्तु अत्यंत प्रेरक प्रसंग।

डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (कलेक्टर) साहब जैसे ही दफ्तर पहुंचे थे।
मजिस्ट्रेट साहब गाड़ी से उतरकर जो सीढ़ियां चढ़ रहे थे, उन्हीं सीढ़ियों पर एक बूढ़ी महिला हाथ जोड़े बैठी थी ।
DM साहब ठिठक जाते हैं। अर्दली से कुछ पूछते हैं। अर्दली के पास कोई अपडेट नहीं है।

POWER OF IAS OFFICER

वे बूढी महिला के बगल में उन्ही सीढ़ियों पर बैठ जाते हैं। DM जहाँ बैठ गए, समझो वही अदालत शुरू हो गयी। अदालत सज गयी और वहीं के वहीं कार्यवाही शुरू कर दी गयी। फ़रियादी बुज़ुर्ग की पेंशन दो सालों से नहीं मिल रही।
मजिस्ट्रेट साहब कागजात मांगते हैं।

MOTIVATIONAL STORY IN HINDI

बूढ़ी महिला एक-एक कर सारे कागज़ात दे देती है और साथ में देती है… ढेर सारी शिकायतें ! अफसरों-बाबुओं की शिकायतें। मजिस्ट्रेट ने देखा कागज़ात पूरे हैं। बूढ़ी महिला को आश्वासन दिया गया कि वे ठहरें।
उनका काम आज ही होगा। मजिस्ट्रेट ने सम्बंधित अफ़सर को तुरंत हाज़िर होने का फ़रमान सुनाया। अफ़सर अदालत में हाजिर हुआ। उन्ही सीढ़ियों पर सजी अदालत में। बूढी महिला की पेंशन तत्काल प्रभाव से लागू की गयी । इसके साथ ही अदालत की कार्यवाही खत्म हुई ।

DM का नाम है – मोहम्मद अब्दुल अज़ीम , IAS
जयशंकर भुपलपल्ली, तेलंगाना

ऐसी और भी motivational story के लिए पढ़ते रहिए neeroz.

3 thoughts on “IAS KA RUTBA MOTIVATIONAL STORY

  1. दिल छूने वाली कोई कहानी थी तो वह सिर्फ यही है…

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