Hindi Story – Bhoot Ki Kahani

Hindi Story Bhoot Ki Kahani में हर बार हम लिए लाएंगे रोमांच से भरी हुई भूतिया कहानियां। ऐसी ख़ौफ़नाक दास्तानें जिन्हे पढ़कर आप के दिल की धड़कनें बढ़ जाएंगी।  रात के सन्नाटों में, उन अलौकिक शक्तियों के बारे में जिनके वजूद को कोई पूरी तरह नकार देता है तो कोई पूरी तरह विश्वास करता है लेकिन जिसको जानने के आकर्षण से कोई नहीं बच पाया। 

ख़ौफ़नाक जंगल (Hindi Story Part 1)

“तो अब कब जाने वाले हो तुम लोग जंगल,अपना वह पागलपन करने के लिए?” कॉलेज की कैंटीन में विनोद ने राज और श्याम से पूछा जो उस वक्त चाय की चुस्कियां ले रहे थे।

“उसे डायनेमिक मेडिटेशन कहते हैं घोंचू” राज ने कहा।
” और उससे सारा फ्रस्ट्रेशन दूर हो जाता है,मन को ये एकदम हल्का कर देता है गधे” श्याम ने राज के सुर से सुर मिलाते हुए कहा।
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” मतलब जंगल में जाओ और चीखो, चिल्लाओ, गालियां दो और फिर शांत बैठ जाओ…बढ़िया है… चलो इस बार मैं भी चलता हूं तुम्हारे साथ,कम से कम घूम आऊंगा,कब चल रहे हो? विनोद ने पूछा।
“कल शाम 4:00 बजे तैयार रहना हम तुझे लेने आ जाएंगे”राज ने कहा।

और अगले दिन शाम 4:00 बजे विनोद, श्याम और राज एक ही बाइक पर चल पड़ते हैं जंगल की ओर। शहर से 10 किलोमीटर के बाद से ही जंगल शुरू हो जाता था।बाइक 15 किलोमीटर जाने के बाद जंगल में एक कच्चे रास्ते में मुड़ जाती है,तीनों कुछ दूर जाकर बाइक खड़ी करके पैदल ही थोड़ा और आगे बढ़ते हैं।
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चारों ओर बड़े-बड़े पेड़ हैं और गहरा सन्नाटा… थोड़ा आगे घने पेड़ों से बाहर निकलने पर एक छोटा सा खुला मैदान है और उसके आगे एक गहरी खाई वे मैदान में बढ़ जाते हैं और अलग-अलग जगह पर पेड़ों की ओट में ऐसे खड़े हो जाते हैं कि एक दूसरे को न दिखें। अब सब ‘रेचन’ शुरू करते हैं।

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अभी राज ने चिल्लाना शुरू ही किया था कि उसे विनोद की आवाज सुनाई देती है जो उसका नाम लेकर के चिल्ला रहा है। राज और श्याम दोनों ही दौड़कर वहां पहुंचते हैं जहां विनोद के चीखने की आवाज आ रही थी वहां बहुत सारे पक्षी एक पेड़ से उड़कर भाग रहे थे और विनोद उसी पेड़ के नीचे उल्टियां कर रहा था |

BHOOT KI KAHANI IN HINDI

राज ने उसे पानी की बोतल दी थोड़ी देर बाद विनोद ने बताया कि वह उस पेड़ के नीचे बैठकर के गालियां दे रहा था और अचानक पेड़ में एक सरसराहट हुई और पक्षी उड़ने लगे और उसे चक्कर आने लगे उल्टियां होने लगी राज ने देखा वह एक इमली का पेड़ था मन में अचानक कई आशंकाएं पैदा होने लगी ।
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“मुझे यह जगह कुछ ठीक नहीं लग रही हमें यहां से चलना चाहिए ” श्याम ने कहा। तीनों ही वहां से निकलकर मेन रोड तक आते हैं, विनोद की हालत ठीक नहीं लगती इसलिए रोड के दूसरी तरफ कुछ दूरी पर दिख रहे गांव तक जाते हैं और वहां एक डॉक्टर को दिखाते हैं जो फूड पॉइजनिंग बताकर कुछ गोलियां दे देता है

लेकिन उसकी क्लीनिक के बाहर गांव के कुछ बुजुर्ग विनोद की हालत को देखकर बोलते हैं कि “बेटा यह मामला कुछ और ही है” और अच्छा होगा कि वे लोग गांव से लगे जंगल में रहने वाले तांत्रिक बाबा को एक बार दिखा दे ।
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राज और श्याम काफी डर चुके थे उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा था लेकिन उन्हें इस बात का शक जरूर हो गया था कि जंगल में विनोद के साथ कुछ गड़बड़ तो जरूर हुई है इसलिए वे उसे उस तांत्रिक के पास ले जाने के लिए मान गए।

अब तक शाम के 7:00 बज चुके थे और अंधेरा अपने पैर पसार चुका था, वह जंगल दूर से ही बहुत भयानक दिख रहा था,गांव से लगे उसी जंगल में एक झोपड़ी में रह रहे उस तांत्रिक के पास जब वे पहुंचे तो उस तांत्रिक ने विनोद को अपनी झोपड़ी के अंदर अकेले में ले जाकर कुछ झाड़-फूंक की और थोड़ी देर में विनोद बाहर आ गया, उसके माथे पर भभूत लगी थी।

रास्ते में विनोद ने राज और श्याम से बताया कि कल अमावस्या है और तांत्रिक ने उसे रात को 12 बजे अकेले बुलाया है और यह सब किसी को भी बताना से मना किया था लेकिन उसे बहुत डर लग रहा है इसलिए वह बता रहा है । राज और श्याम ने छुपकर अगले दिन उसके साथ आने का वादा किया लगभग 8:00 बजे के करीब वे सब घर लौट आए।

विनोद पढ़ाई के कारण शहर में रूम लेकर अकेला रहता था आधी रात को अचानक विनोद के शरीर में अजीबोगरीब परिवर्तन होने लगते हैं, उसका शरीर ऐंठने लगता है, फिर हाथ पैर कांपते हैं ,आंखे फैल कर बड़ी हो जाती हैं और उसे खुद का कोई होश नहीं रहता। वह किचन से एक चाकू उठाता है और अपने हाथ की छोटी उंगली को काट देता है फिर हंसते हुए उससे निकलते खून को चाटता है और वही बेहोश होकर गिर जाता है।


अगले दिन जब उसे होश आता है तो वह फर्श पर फैले खून और अपनी कटी उंगली देखकर घबराहट और दर्दके कारण रोने लग जाता है। किसी तरह खुद को संभाल कर वह डॉक्टर के पास जाकर अपनी मलहम पट्टी करवाता है और राज और शाम को बुलाकर सारी बातें बताता है दोनों उसकी बात सुनकर स्तब्ध रह जाते हैं और रात को तांत्रिक के पास जाना निश्चित करते हैं। आप पढ़ रहें हैं – Hindi Story Bhoot Ki Kahani

HORROR STORY IN HINDI

रात को ठीक 12:00 बजे तीनों उसी खौफनाक जंगल में तांत्रिक के पास पहुंचते हैं ।राज और श्याम झोपड़ी के बाहर छुप जाते हैं और विनोद अंदर जाता है। 

“आ गए विनोद! आओ बैठो” तांत्रिक बोलता है।
तांत्रिक को देखते ही विनोद के शरीर में अचानक परिवर्तन होने लगते हैं,आंखें फिर से फैल जाती हैं और विनोद सिर झुका कर बैठ जाता है और फिर विनोद के अंदर से एक अजीब सी भारी आवाज़ निकलती है जिसे सुनकर बाहर छुपकर देख रहे राज और श्याम भी थर्रा उठते हैं-

“हो गई तेरी सारी तैयारियां!! आ गया शमशान से मुर्दा खाकर!! ले आया मुर्दे की राख!! अब इसे भी मार डालेगा है न?”

“कौन है?तू कौन है?” तांत्रिक सकपका कर बोलता है।

” मुझे नहीं पहचाना? गांव के एक अनाथ चरवाहे के साथ क्या किया था तूने 6 महीने पहले?.. मैं वही राजू हूं, जिसे तूने मार के उस इमली के पेड़ के नीचे गाड़ दिया था कमीने ! “विनोद की आवाज में गुस्सा बढ़ चुका था।

BHOOT KI KAHANIYA IN HINDI

तांत्रिक एक वहशी हंसी हंसता है “हा हा हा! वाह! यानी कि मेरी पहली बली ने ही मेरी आखरी बली का इंतजाम कर दिया? अब वह महा पिशाचिनी शक्ति मुझसे दूर नहीं जिससे दुनिया मेरी मुट्ठी में होगी।” तांत्रिक ये बोलकर अपनी तलवार उठा लेता है।

“नहीं कमीने तू इसकी बलि नहीं दे पाएगा !! मैंने तो पहले ही इसका अंग भंग कर दिया है और अब तू बचेगा भी नहीं!” अपनी कटी हुई उंगली दिखाते हुए विनोद यह कह कर बेहोश हो गया था।
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तांत्रिक गुस्से में चिल्लाया और विनोद को मारने के लिए तलवार लेकर आगे बढ़ा तभी राज और श्याम अंदर आ गए और राज चीख उठा “किस-किस को मारेगा कमीने? तू अब नहीं बचेगा ! सारी बातचीत का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड हो चुका है!” तांत्रिक राज को मारने के लिए आगे बढ़ता है लेकिन श्याम और राज दोनों के आगे टिक नहीं पाता है और भाग खड़ा होता है।

अगले दिन पुलिस को राज,श्याम,विनोद सब कुछ बताते हैं । जंगल के उस इमली के पेड़ के नीचे खुदाई में एक नर कंकाल मिलता है जिसका दाह संस्कार किया जाता है और 2 दिन बाद फरार तांत्रिक भी पकड़ा जाता है। विनोद अब स्वस्थ है लेकिन “ख़ौफ़नाक जंगल” की यह कहानी अब उन तीनों को ही जिंदगी भर याद रहने वाली है।

मधुरेश ज्योतिषी

disclaimer – BHOOT KI KAHANI IN HINDI HORROR STORY IN HINDI कहानियों में प्रस्तुत पात्र और घटनाएं काल्पनिक हैं।  हम किसी भी तरह के अन्धविश्वास, काला जादू या तांत्रिक गतिविधियों को प्रोत्साहित नहीं करते |

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