GADI WALA AAYA GHAR SE KACHRA NIKAAL – KYUN HAI ITNA FAMOUS ?

फ़िल्मी गाने ज़ुबाँ पर जल्दी चढ़ जाते हैं। Hindi songs, Pop songs, Private albums का भी अपना क्रेज है, following है।  लेकिन एक गाना ऐसा है जिसे ने किसी हिंदी फ़िल्म के लिए बनाया गया न ही किसी बड़े स्टूडियो में किसी private album के लिए रिकॉर्ड किया गया फ़िर भी लाखों लोगों ने सुना और जो गाना बच्चे-बच्चे की ज़ुबाँ पर है।  हम बात कर रहे हैं मशहूर गीत GADI WALA AAYA GHAR SE KACHRA NIKAAL की, जिसने सफ़लता और लोकप्रियता की एक नई इबारत लिख दी है।

GADI WALA AAYA GHAR SE KACHRA NIKAAL | गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल |

गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल,

गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल

भारत के बहुत से शहरों, कस्बों और गाँवों में यह गीत दिन की शुरुआत का एक हिस्सा ही बन गया है।  दरअसल ये गाना नगर पालिका के उन वाहनों में बजता है जो कचरा उठाने आती है। 

मध्यप्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़,राजस्थान, बिहार,उत्तर भारत और सभी हिंदी भाषी राज्यों में इस गीत को बहुत सुना जाता है और ये बहुत लोकप्रिय है।  न केवल इससे स्वच्छता का सन्देश जाता है बल्कि इसके शब्दों और गायक की आवाज़ में मिट्टी की खुशबू है और इसीलिए हर कोई इस गीत को सुनकर उसे अपने आसपास का ही गीत पाता है।

KYUN HAI YE GANA ITNA FAMOUS

भारत देश में बीचों बीच है MADHYA PRADESH. मध्य प्रदेश में एक जिला है मंडला जहाँ से इस गीत का सफ़र शुरू होता है। मंडला में नगर पालिका के अध्यक्ष, SHYAM BAIRAGI की साहित्यिक प्रतिभा से परिचित थे। उनके आदेश पर SHYAM BAIRAGI  ने ‘GADI WALA AAYA GHAR SE KACHRA NIKAAL  ’ गाना लिखा। नगर पालिका के वो वाहन जो कचरा उठाने हर कॉलोनी, हर मुहल्ला जाती हैं, उन वाहनों में सुबह-सुबह इसे बजाया जाने लगा। देखते ही देखते मंडला शहर में ये गीत famous होता चला  गया।

SINGERS OF INDIA

मध्य प्रदेश में मंडला जिले के छोटे से गांव बहेरी में जन्मे श्याम बैरागी ( SHYAM BAIRAGI ) के गीत को you tube में 40 लाख से भी ज़्यादा बार देखा जा चुका है। वो छत्तीसगढ़ की फ़िल्म इंडस्ट्री छालीवुड में भी सम्मानित हो चुके हैं। पेशे से सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। इतनी ख्याति पाने के बाद भी वो पहले ही की तरह एक सादा मिजाज़ इंसान हैं। मै व्यक्तिगत रूप से उनसे मिला हूँ और उनकी सहजता हर किसी को प्रभावित करती है।

उन्होने छालीवुड का मज़ेदार वाक्या भी मुझसे शेयर किया जो कुछ यूँ है कि छालीवुड में अपने सम्मान समारोह के लिए वो जिस बड़े होटल में रुके थे वहां का क्लीनर सुबह सुबह gaadi wala aaya गा रहा था।  उन्होंने उससे पूछा कि क्या ये गाना तुम्हे पसंद है।  उसने कहा हाँ, बहुत पसंद है।  फिर श्याम जी ने उससे पूछा की अगर इसका गायक तुम्हे मिल जाए तो क्या करोगे ? क्लीनर ने कहा तुरंत सेल्फी लूँगा।  श्याम जी उससे हँसते हुए कहा “तो फ़िर ले लो”

GADI WALA AAYA GHAR SE KACHRA NIKAL YOU TUBE

‘GADI WALA AAYA GHAR SE KACHRA NIKAAL’ की सफ़लता के पीछे एक कारण उसका internet पर available होना भी है।  you tube एक ऐसा माध्यम है जिससे आप अपनी प्रतिभा देश दुनिया के हर कोने तक पहुंचा सकते हैं।  SHYAM BAIRAGI का official you tube channel ये है  SYAHI DIL KI DIARY

https://www.youtube.com/channel/UCrBr9rxoco-gsnR5rhwUQ7Q

इसके अलावा उनकी website भी है जहाँ आप उनकी लिखी ग़ज़लें, नज़्में, कविताएँ और गीत पढ़ सकते हैं। http://shyambairagi.com/

you tube channel और website बनाने का ख़्याल कैसे आया ये पूछने पर उन्होंने बताया कि Small Time Solutions ( now known as Q Time Businesses Pvt. Ltd.  के Directors Neeraj Singore & Aditya Patel ने मुझे इसके लिए प्रेरित किया।

आज 40 लाख से भी ज़्यादा view देखकर यकीन हो गया कि इस समय internet कितना शक्तिशाली माध्यम है और website बनवाना और digital marketing एक व्यक्ति की सफ़लता में कितनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मुझे विश्वास है कि अवश्य ही मेरा गीत मंडला का पहला गीत होगा जिसके 1 करोड़ view भी आप सबके प्यार और सहयोग से मिलेंगे।   

YATRA

अपनी यात्रा के बारे में वो ख़ुद अपने लफ़्ज़ों में बयां करते हैं  “मुझे अच्छे से याद नहीं है कि किस ‘अमुक ’ घटना ने मुझे लिखने के लिए मजबूर किया | शायद वह कोई वाक्या रहा होगा, जिसने मेरे अचेतन को चोटिल किया हो |

हाँ मुझे यह अच्छे से याद है की सामाजिक विषमताओं और आर्थिक असमानताओं ने दिल और दिमाग में खलबली मचा दी | इन्ही बुराइयों से लड़ने के लिए मैंने गीत , गजल , कविता एवं व्यग्यों को हथियार बना लिया |

मैं कल रहूँ या न रहूँ , मेरी लड़ाई रहेगी | वास्तविक लोकतंत्र की स्थापना और समता मूलक समाज का निर्माण मेरा अंतिम लक्ष्य है , जिसे पूरा किये बिना मुझे चैन कहाँ , करार कहाँ !

30 साल की अपनी साहित्यिक और संगीत यात्रा के दौरान तीन पुस्तके क्रमशः ‘चिंगारी’, ‘दुर्दशा’ तथा ‘जंगल माने जिंदगी’ का प्रकाशन एवं 16 ऑडियो के लिए गीत, कविता लेखन , सैकड़ों पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन और कुछ पत्रिकाओं का सम्पादन मेरे संघर्ष के पदचिन्ह हैं |”

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