EID MUBARAK – EID 2020 IN MOST UNEXPECTED WAY

इस साल ईद EID MUBARAK EID 2020 वैसी नही होगी जैसी हर साल होती थी।  जैसी हम बचपन से मनाते आए हैं।  जैसी हमारे पुरखों ने हमेशा मनाई।  इस बार EID MUBARAK में ईदगाह में नमाज़ नहीं होगी। ख़ुत्बा नही होगा।  हज़ारों का हुजूम नहीं होगा।  बाज़ारों में रौनक नही होगी।  छोटे बच्चों के लिए मेले नही भरे होंगे ।

ये सब सोच पाना, कबूल कर पाना मुश्किल है। लेकिन यही सच भी है। देश और दुनिया मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं और इस वक़्त ख़ुद की, अपनी फ़ैमिली की और अपने आसपास के लोगों की सलामती ही किसी भी इंसान की पहली priority है और होनी भी चाहिए ।

EID MUBARAK EID IN INDIA

ईद, हिंदुस्तान और दुनिया में मुस्लिमों का सबसे प्रमुख त्यौहार है।  मुस्लिम समुदाय  के लोग एक साल में तीन ईदें मनाते हैं।  ईद उल फ़ित्र ( जिसे भारत में मीठी ईद भी कहते हैं, मुझे लगता है ये बड़ा ही प्यारा नाम है और ऐसा इसीलिए कि इस दिन आपको मीठी सेवईयां और शीर ख़ुरमा जैसी dishes मिलती है ),

दूसरी ईद है,  ईद उल अदहा EID UL ADHA जिसे बकरा ईद भी कहा जाता है और तीसरी ईद है, ईद मिलादुन्नबी EID MILADUNNABI जो इस्लाम के प्रवर्तक मुहम्मद ( स. अ. व. ) के यौमे पैदाइश ( जन्मदिन ) की ख़ुशी में मनाई जाती है। 

EID 2020 LOCKDOWN

कोरोना वायरस से निपटने के लिए हुकूमती सतह पर मार्च के अवाखिर में lockdown का जो ऐलान किया गया था और मज़हबी मक़ामात ( religious places ) पर जमा होने की जो पाबंदी आयद की गई थी , उस का सिलसिला दराज़ ( extend ) होता गया ।

मुसलमान इस वक़्त घरों पर नमाज़ें अदा कर रहे हैं । ये सिलसिला अभी जारी रहेगा । देश और दुनिया में सरकारी आदेशों के बाद ही मस्जिदें फ़िर से गुलज़ार हो सकेंगी।

चुनान्चे सवाल किया जा रहा है कि इस सूरत ए हाल ( present scenario ) में रमज़ानुल मुबारक के आखिरी दिनों के मामूलात कैसे हों ? और नमाज़ कैसे अदा की जाए।  इसे लेकर islamic councils ने कुछ अहम फैसले लिए हैं ।

1- रमज़ानुल मुबारक का एक अहम अमल ( ritual ) सदक़ए – ए – फित्र की अदायगी है । ये हर साहिब ए हैसियत ( well to do ) मुसलमान पर अपनी तरफ से और घर के सभी अफ़राद ( members ) की तरफ से वाजिब है ।

रमजान के आखिरी दिनों में इसे ज़रूर अदा करना चाहिए । इस की मिक़दार खजूर ,किशमिश, पनीर और जौ में (साढ़े तीन किलो) और गेहूं में (पौने दो किलो ) है। इस की क़ीमत भी निकाली जा सकती है ।

EID MUBARAK EID 2020

EID MUBARAK EID 2020
credit – facenfacts

गेंहू की कीमत 40 रूपये है। हस्ब ए इस्तिताअत ( financial status के हिसाब से  ) इस में इज़ाफा भी किया जा सकता है । EID MUBARAK क ये एक ख़ूबसूरत ritual है जिसके मुताबिक़ एक अच्छे कमाने खाने वाले मुसलमान पर ये फ़र्ज़ है कि वो घर के हर मेंबर के हिसाब से ये रकम किसी ज़रूरतमंद को दे। फ़ित्र, ज़कात से अलग होता है। 

2. मौजूदा हालात में ईदगाहों, जामा मसाजिद और मुहल्लों की मसाजिद ( जितने लोगों की इजाज़त हो ) अदा की जाये । बाकी सभी को  ईद के दिन नमाज़ घर पर पढ़नी है । नमाज़ के बाद खुतबा दिया जा सकता है, लेकिन ज़रूरी नहीं ।

3. Ramadan के आखिरी दिनों में खरीदारी के लिए बाज़ारो में भीड़ लगाने जितना ज़्यादा हो सके परहेज़ किया जाए।

4. EID MUBARAK के दिन घूमने फिरने, मुलाकात व मुबारक बाद के लिए ज्यादा इधर उधर जाने से परहेज़ किया जाए। 

EID 2020

5. अल्लाह का शुक्र अदा किया जाये । EID MUBARAK की खुशियों में गरीबों का, खास तौर पर और उन के परेशान हाल घर वालों का ख्याल रखा जाए ।

6. दुआ की जाये की अल्लाह तआला कोरोना की बीमारी से जल्द अज़ जल्द  हम सबको निजात दे और मामूल की ज़िन्दगी ( routine life ) लौट आए ।

7. जो भी ज़रूरी काम हो उनमें mask, gloves, sanitizers और social distancing का ख्याल रखा जाए। 

8. ईदगाह में नमाज़ पढ़ने का मौका ना मिलने की वजह से ज़्यादा मायूस होने की ज़रूरत नहीं है, हमारा रब बहुत मेहरबान है। हमें उतना ही सवाब आता फ़रमाएगा जितना पिछले और सालों में ईद की नमाज़ ईदगाह या मस्जिद में पढ़ने पर मिलता था |

क्यूंकि किसी नेक काम की नीयत अगर दिल में हो मगर किसी मजबूरी की वजह से आदमी ना कर पाए, तो उसे उस काम को ना करने के बावजूद भी पूरा सवाब मिलता है।

EID MUBARAK WISHES

*Aye Allah,*

*Corona Agar Bimari Hai To Shifa Ata Farma,*

*Agar Waba Hai To Khatam Farma,*

*Agar Sazish Hai To Be-Naqab Kar,*

*Agar Azab Hai To Hamari Hifazat Farma*

Ameen

Neeroz wishes a very happy eid ( EID MUBARAK)to everyone.  Stay safe and keep reading.

IMROZ FARHAD

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