BEST ANIMATION MOVIES – BEGINNING OF ANIMATION IN INDIA AND RECENT CREATIONS

भारत में एनीमेशन की शुरुआत और नई पीढ़ी की रचनात्मकता

EK CHIDIYA ANIMATION

Bhimsain Khurana ,उन दो डायरेक्टर्स में से एक डायरेक्टर हैं जिन्होंने 70 के दशक में एक एनीमेटेड शॉर्ट फिल्म ( best animation movies ) बनाई थी डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन, इंडिया के लिए, जिसका नाम था “एक,अनेक और एकता” ( one,many and unity ) जिसे दूरदर्शन पर दिखाया जाता था।

इस एनिमेशन के साथ भारत की पीढ़ियों की उस भावना की कल्पना कीजिए। 80 का वह दशक जब इसे प्रसारित किया जाता था। उस दौर में ये बूढ़े,जवान और बच्चों, सभी को पसंद आता था।

प्रगतिशील भारत,मनोरंजन के क्षेत्र में नई-नई टेक्नोलॉजी को स्वीकार कर रहा था।  animation देखना हिन्दुस्तानियों के लिए बिल्कुल नया और कमाल का अनुभव था।  उस दौर में जो बच्चे थे, वह आज 40 की उम्र पार कर चुके हैं और you tube में इसे देखकर nostalgia महसूस करते हैं। यहां तक की नब्बे के दशक में भी इसे दूरदर्शन ( DD NATIONAL ) पर दिखाया गया है।

HINDI POEM FOR KIDS ANIMATION                

इस ब्लॉग के लेखक ने भी इस animated short story को बचपन में देखा है और उसकी यादें अभी भी मेरे मस्तिष्क में हैं। यह बच्चों को एकता ( जिसकी इस संवेदनशील युग में सबसे अधिक आवश्यकता है ) की शिक्षा देने वाला गीत था। उसके शब्द थे “एक चिड़िया,अनेक चिड़िया, दाना चुगने बैठ गई थी” और यह 90 के दशक में भी भारत में अत्यंत लोकप्रिय गीत था। इसे National Film Award ( for best educational film ) भी मिला । इसी गीत की मेरी प्रिय पंक्तियाँ थी “हिम्मत से गर जुटे रहें तो , छोटे हों पर मिले रहें तो… बड़ा काम भी होवे भैया”

बहुत से लोगों का ऐसा मानना है ( उनमें मैं भी शामिल हूँ ) कि इस गीत को पुनः प्रसारित किया जाना चाहिए। न सिर्फ देश में बल्कि पूरे विश्व में। जैसा कि हम देख रहे हैं ,अमेरिका में, ब्रिटेन में इन दिनों अश्वेत लोगों का जो असंतोष है, वह आक्रोश बनकर सड़कों पर निकल आया है। इस वक़्त वहां काफ़ी हिंसा हो रही है। दुनिया में जितने भी प्रकार के भेदभाव हुए हैं, उनका अपना इतिहास रहा है।

उन्हें भूल कर, बुरे लोगों को अलग कर दिया जाए, तो अच्छे लोगों के बीच एकता और समन्वय बढ़ सकता है और ऐसा होना भी चाहिए। इस महान उद्देश्य को सामने रखकर ऐसी शॉर्ट फिल्म,ऐसी कहानियां, ऐसे गीत प्रसारित किए जाने चाहिए, जो एकता का पाठ पढ़ाते हों क्योंकि ‘एकता’ ही राष्ट्र की शक्ति है। 

BHIMSAIN KHURANA ANIMATION

यह बात भी यहां उल्लेखनीय और बहुत महत्वपूर्ण है कि उस दौर में भारत में एनीमेटेड शॉर्ट फिल्म बन रही थी जबकि कई देशों का विचार था कि भारत विकसित देश नहीं है, वहां होता ही क्या होगा। वैज्ञानिकों, रचनाधर्मियों और प्रगतिशील नेताओं ने उन्हें ग़लत साबित किया। इस फिल्म को जापान में भी पुरस्कृत किया गया और भीमसेन खुराना ने और भी एनिमेशन प्रोजेक्ट शुरू किए। आप कह सकते हैं कि भारत में एनीमेशन शॉर्ट मूवी के युगपुरुष ( pioneer ) थे भीमसेन खुराना।

उसके अलावा उन्होंने Amol Palekar, Zarina Wahab और  Shreeram Lagoo, को लेकर घरौंदा नामक फिल्म का निर्देशन किया जो housing crisis पर अपने आप में एक बेहतरीन फ़िल्म मानी जाती है। इसी फ़िल्म में वो गीत था जिसे भूलना मुश्किल है “तुम्हें हो ना हो, मुझको तो इतना यकीं है,मुझे प्यार तुमसे, नहीं है, नहीं है” | Bhimsain का साल 2018 में निधन हो गया।

KIREET KHURANA ANIMATION

भीमसेन खुराना के पुत्र किरीत खुराना ( kireet khurana ) बहुत क़ाबिल डायरेक्टर है। उनके काम के लिए उन्हें 6 बार national award मिल चुका है। बच्चों और उनसे जुड़े child labor, child marriage,child sexual abuse जैसे मुद्दों पर काफ़ी काम करते हैं।  kireet ने अब तक komal,trade,mahagiri, O जैसी बेहतरीन फ़िल्में बनाई हैं।  कई international award से भी सम्मानित हैं। India की पहली 3D animation series ‘vartmaan’ का श्रेय भी kireet को जाता है।

PRAVAASI ANIMATION

अब आते हैं साल 2020 में। दुनिया जानती है ये साल कितना दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। वो सब देखने को मिला जो हमने कभी नहीं देखा। वो सब देखना पड़ा, जो हम कभी देखना भी नहीं चाहते थे। lockdown के दौरान जो भी प्रवासी मजदूरों ने झेला,उनकी व्यथा की कथा को animated story ( poetry ) के माध्यम से सबके सामने रखा है kireet ने।

images,videos जो पिछले 3 महीनों में हमने देखें, उन्हें संकलित कर बनाई गई है pravaasi ।  इसमें प्रवासियों का दर्द है, उनकी मजबूरी है, उनके संघर्ष की कहानियां हैं। उनकी भूख है, उनकी प्यास है, तपते कोलतार पर चलकर आए छाले हैं। उनके पसीने से लथपथ शरीर,उनके मैले हो चुके कपड़े, पुलिस की मार और भूख से,खाने के अभाव से, चिकित्सा के अभाव से मिली उनकी सारी वेदना, 1 मिनट 30 सेकंड की इस रचना में वो सब है।

watch pravaasi – https://youtu.be/hznXrHkKrTA

TAPSEE PANNU

इसे आवाज़ दी है बॉलीवुड एक्ट्रेस ताप्सी पन्नू ( tapsee pannu ) ने। तापसी ने बहुत ही असरदार तरीके से इन भावों को, अपने शब्दों में,अपनी आवाज में पिरोया है । हादसों में हो गई मजदूरों की मृत्यु को बहुत ही मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करती है प्रवासी ( pravaasi ) short animation film.

तो, इसे भी अवश्य देखा जाना चाहिए। निश्चित रूप से kireet खुराना जी और tapsee को हम धन्यवाद देना चाहेंगे, इस तरह की रचनात्मकता प्रदर्शित करने के लिए।  ऐसे एक कृति के निर्माण के लिए, जो हमारे अंदर मानवीय मूल्यों के बारे में विचार पैदा करती है।

IMROZ FARHAD

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