5 BEST HINDI COMEDY MOVIES

कॉमेडी फ़िल्म्स की लिस्ट यूं तो लंबी है लेकिन आज 5 BEST HINDI COMEDY MOVIES में हम बात कर रहे हैं 5 ऐसी मूवीज की जो न सिर्फ़ राइटिंग, एक्टिंग और टाइमिंग के लिहाज़ से बल्कि लोगों की पसंद के लिहाज़ से भी top 5 हैं।

 ANDAZ APNA APNA

अंदाज़ : अपना अपना, 1994 कि इस comedy movie को स्क्रिप्ट,डायलॉग्स,एक्टिंग और फैन बेस हर लिहाज़ से best hindi comedy movies कहा जा सकता है। दिग्गज डायरेक्टर राजकुमार संतोषी ( rajkumar santoshi ) ने इसकी स्टोरी, स्क्रीनप्ले लिखा।

डायरेक्ट भी किया। इस मज़ेदार मूवी में 2 बेरोज़गारों अमर ( aamir khan ) और प्रेम ( salman khan ) की कहानी है, जो एक अमीर बिजनेसमैन राम गोपाल बजाज ( paresh rawal ) की बेटी से शादी करना चाहते हैं।

तरह-तरह के दांव-पेंच कर अमर और प्रेम, रामगोपाल की अमीर बेटी को इम्प्रेस करने की कोशिशें करते हैं। इधर रामगोपाल का जुड़वा भाई तेजा, जो एक क्रिमिनल है, जिसने क्राईम मास्टर गोगो ( shakti kapoor ) से बहुत सारे पैसे लिए हैं; तेजा राम गोपाल बजाज को किडनैप करके उसकी दौलत हड़पना चाहता है।

इस पूरे घटनाक्रम सब कैसे एक दूसरे से मिलते हैं और फनी सिचुएशन बनते जाती है वह देखने लायक इस फिल्म में कॉमेडी के महानायक महमूद जगदीप और देवेन वर्मा जैसे क्लासिक कॉमेडियंस भी है यह फिल्म वक्त के साथ कल्ट क्लासिक (cult classic) बन चुकी है ।

रोबर्ट और भल्ला जैसे किरदार भी लोगों को बख़ूबी याद हैं। इस movie के किसी फैन से पूछिए की क्या इसमें कोई कैमियो था, झट से गोविंदा ( govinda ) का नाम उसकी ज़ुबां पर आ जाएगा। हालांकि ये कैमियो, सनी देओल ( sunny deol ) को ऑफर किया गया था। 

इस फ़िल्म के बहुत से डायलॉग आज भी आम बोलचाल में इस्तेमाल होते रहते हैं। “इसकी भोली शकल पर मत जाना”,”आइला जूही चावला”, “दो दोस्त एक प्याली में चाय पिएंगे”,”मै तो कहता हूँ आप पुरुष ही नहीं हैं, महापुरुष हैं”, “क्राइम मास्टर गोगो नाम है मेरा,आंखे निकाल कर गोटियां खेलता हूँ, गोटियां” जैसे अनेक संवाद इस फ़िल्म की जान हैं।

HERA PHERI

हेरा फेरी : एक्शन हीरो अक्षय कुमार ( akshay kumar ) ने साल 2000 में एक ऐसी movie की जिसके बाद उन्हें कॉमेडी रोज़ ही ऑफर होने लगी। सुनील शेट्टी ( suniel shetty ) और परेश रावल (paresh rawal ) के साथ उनकी तिकड़ी ने बॉक्स ऑफिस पर खूब धूम मचाई और आज 20 साल बाद भी HERA PHERI memes बनाने वालों की favorite movie है। मशहूर डायरेक्टर प्रियदर्शन ( priyadarshan ) ने इसे डायरेक्ट किया।

इस comedy movie में बाबूराव एक गैराज के मालिक हैं। उनके दो किराएदार चंट राजू और सीधा-सादा श्याम हैं। राजू ( akshay kumar ) और श्याम ( suniel shetty ) में हमेशा कुछ न कुछ खटपट चलती है और बाबूराव को बीच में आना ही पड़ता है। क्रिमिनल कबीरा (Gulshan Grover ), देवी प्रसाद ( Kulbhushan Kharbanda ) की पोती को किडनैप करता है।

फ़िरौती की रकम का कॉल ग़लती से बाबूराव के गैराज में आता है ( साल 2000 है, लैंडलाइन की बात हम कर रहे हैं ) और तब राजू फ़िरौती  रकम से अमीर होने के लिए एक गेम खेलता है जिसमें श्याम और बाबू भैया भी शामिल हैं। वक़्त के साथ इसे भी cult classic का दर्जा हासिल हुआ और दर्शकों का प्यार इसे बनाता है  one of the best Hindi comedy movies ever made

ANGOOR

अंगूर : गुलज़ार साहब ( gulzar ) के डायरेक्शन में बनी। इसे one of the best hindi comedy movies में शुमार किया जाता है। हिंदी सिनेमा की इस बेहतरीन कॉमेडी को 1982 में बनाया गया था। इस फिल्म में ग्रेट एक्टर संजीव कुमार (Sanjeev Kumar) और देवेन वर्मा (Deven Verma) के अपने-अपने जुड़वा से बिछड़ जाने के बाद की कहानी है। इस कहानी को इमोशन की जगह कॉमेडी से बुना गया है। यह फिल्म शेक्सपियर के the comedy of errors  पर आधारित थी।

कहानी यूं है कि राजतिलक ( utpal dutt ) के जुड़वा बेटे हैं। दोनों बेटों का नाम ‘अशोक’ है। राजतिलक और उनकी पत्नी दो और जुड़वा लड़कों को गोद लेते हैं और उन दोनों लड़कों का नाम रखा जाता है ‘बहादुर’ . घटनाक्रम कुछ ऐसा होता है कि एक अशोक और एक बहादुर अपने माँ-बाप से बिछड़ जाते हैं। कालांतर में अशोक का विवाह सुधा ( Moushumi Chatterjee ) और बहादुर की शादी प्रेमा ( Aruna Irani ) से होती है।

इनका अपना जीवन चल ही रहा होता है कि उसमें अशोक और बहादुर का नाटकीय रूप से प्रवेश होता है। एक ही शहर में एक ही शक्ल वाले दो लोग की दो जोड़ियां हैं। एक के बाद एक हास्यास्पद परिस्तिथियां बनती जाती हैं जिन्हे पर्दे पर इन मंजे हुए अभिनेताओं ने ANGOOR में उतारा है।

GOLMAAL

गोलमाल : फिल्में हमेशा ख़ास, प्रसिद्ध या अमीर शख़्स पर बनती रही हैं। लेकिन आम आदमी, common man पर नेचुरल और मज़ेदार best hindi comedy movies  बनाने का श्रेय ( credit ) डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी (Hrishikesh Mukherjee) को जाता है। हम 90s में जन्मे लोगों के एक पीढ़ी पहले के लोगों की ये पसंदीदा फिल्मों में से एक है।1979 की गोलमाल ( golmaal ) ऐसी comedy movie है जो शायद ही किसी हिंदी भाषी भारतीय ने ना देखी हो।

अमोल पालेकर (Amol Palekar) और उत्पल दत्त (Utpal Dutt) को इस movie से एक अहम मुकाम मिला। बिंदिया गोस्वामी, शोभा खोटे, दीना पाठक को इस फिल्म के लिए आज भी याद किया जाता है।

कथाक्रम की बात करते हैं – रामप्रसाद (amol palekar ) को नौकरी की तलाश है जो भवानी शंकर (utpal dutt ) की फर्म में जाकर ख़त्म होती है लेकिन एक छोटी सी समस्या है। भवानी शंकर को मॉडर्न कपड़े, ख़्यालात वाले, स्पोर्ट्स में दिलचस्पी रखने वाले नौजवान पसंद नहीं। बिना मूंछ वाले नौजवानों को वो characterless ही समझते हैं। रामप्रसाद बिल्कुल वैसा ही बनकर प्रस्तुत होता है जैसा भवानी को पसंद है। हालात कुछ ऐसे होते हैं कि अपनी नौकरी बचाने के लिए रामप्रसाद को अपने ही जुड़वा भाई होने का अभिनय करना पड़ता है।

इस comedy movie GOLMAAL में सहजता से हंसाने वाले, गुदगुदाने वाले अनेक दृश्य हैं। इसे राही मासूम रज़ा ( Rahi Masoom Raza ) ने लिखा था। राही, टीवी सीरियल के इतिहास में सर्वाधिक लोकप्रिय महाभारत ( mahabharata ) के संवाद लिखने और टोपी शुक्ला जैसे उम्दा उपन्यास ( novel ) लिखने के लिए याद किए जाते हैं।

संगीत आर डी बर्मन ( R D Burman ) ने दिया। आकाशवाणी ( भारत की हिंदी रेडियो सेवा ) में अपनी अंशकालिक सेवाओं ( short term services ) में मैने इस movie के एक गीत को अनेकों बार अपने श्रोताओं को सुनाया। उस अद्भुत गीत के बोल हैं “आने वाला पल, जाने वाला है”  ( aane wala pal )   इसे कालजयी गायक किशोर दा ( kishore kumar ) ने गया है।

CHASHME BUDDOOR

चश्मे बद्दूर : बार-बार लगातार चमको, धुलाई का बेहतरीन साबुन चमको। अगर आपने यह डायलॉग नहीं सुना तो आपने कॉलेज स्टूडेंट्स पर बनी best hindi comedy movies नही देखी। 1981 में रिलीज़ हुई chashme buddoor में Farooq Shaikh, Deepti Naval, Rakesh Bedi, Ravi Baswani मुख्य भूमिकाओं में हैं।  Saeed Jaffrey भी प्यारे से पान वाले अंकल की भूमिका हैं। रोल छोटा हो या बड़ा, अहम् बात है निभाया किसने और कैसे ? ज़िंदगी की फ़लसफ़े में भी यही बात आती है।

बहरहाल इस टाइटल चश्मे ए बद्दूर का literal meaning है “बुरी नज़र दूर रहे” या “तुम्हे बुरी नज़र न लगे।”  इस comedy movie में सिद्धार्थ, ओमी और जय ( 80s के हिसाब से ये वक़्त से आगे के नाम हैं ) क्रमशः Farooq Shaikh, Rakesh Bedi, Ravi Baswani, दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स है जिन्हें नेहा (deepti naval ) से प्यार हो जाता है। उसे इंप्रेस करने के लिए वह क्या-क्या करते हैं और क्या अंत में कोई सफ़ल हो पाता है, यह फिल्म की कहानी है।

best hindi comedy movies

IMROZ FARHAD

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