शादी कल्लो

मातृ – पुत्र (वन वे) संवाद

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घरवारों ने कही सई है, शादी कल्लो

बेटा देखो उमर जई है, शादी कल्लो

तुम तो बस बायो डेटा तैयार कर लेयो

हमने मौड़ी देख लई है, शादी कल्लो

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कोविड संगे फंगस कारो, पीरो, नीरो

जबरन एझर बनी भई है, शादी कल्लो

अदमी सबरे घर में लुक्के बैठे रेहें

खर्चा की टेंशनई नई है, शादी कल्लो

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कैंसी कैसिट कब फंस जेहेे कहां पता है

जिन सब को उपचार बई है, शादी कल्लो

जा तरफी से टेंट लगाओ मंतर पढ़ लो

पुलिस तो बा तरफी से गई है, शादी कल्लो

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खाना झाड़ू पोंछा बर्तन नै करवाहें

अभई से हमने छूट दई है, शादी कल्लो

वर्क तुम्हारो होम से भी चल जैहे मानो

सबसे बोलो छुट्टी लई है, शादी कल्लो

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तुम्हरी इच्छा होय न होय अब नै सुनहें

हमरी इच्छा होय रई है, शादी कल्लो

Palash

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इस रचना को हमारे पाठकों के साथ साझा करने के लिए neeroz की ओर से पलाश कोहली जी का आभार प्रकट करते हैं।

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