ओलम्पिक 2020

दुनिया के सबसे बड़े sports event की शुरुवात होगी 24 जुलाई को | समर ओलम्पिक के नाम से विश्व प्रसिद्ध इस इवेंट को ऑफिशियली गेम्स ऑफ़ द 32 ओलम्पियाड कहा जाएगा | इस  MULTI-SPORTS इवेंट का समापन 9 अगस्त को न्यू नेशनल स्टेडियम में होगा |

VENUE

जापान के टोक्यो में होने वाले इस इवेंट की मेजबानी टोक्यो 56 साल पहले भी 1964 में कर चुका है | टोक्यो ओलम्पिक की मेजबानी करने वाला पहला एशियाई शहर था | 1964  में बनाये गये कुछ स्टेडियम और VENUE का इस बार भी इस्तेमाल किया जाना एजेंडा 2020 में शामिल किया गया है | अपनी देशभक्ति, मेहनत, अच्छे स्वभाव के नागरिकों, उन्नत शहरों और तकनीकि के लिए जापान दुनिया भर में प्रसिद्ध है | जापान 1972 और 1998 के शीतकालीन ओलम्पिक की भी मेजबानी कर चुका है |

OLYMPIC 2020 GAMES

खेलों के इस महाकुम्भ में 339 इवेंट्स में दिग्गज खिलाड़ी आपस में भिड़ेंगे | 33 खेलों के हर इवेंट में विजेताओं को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक से सम्मानित किया जाता है | चूँकि इस आयोजन में हर विजेता, विश्वविजेता कहलाता है इसलिए मुकाबला बेहद कड़ा होता है और हर खिलाड़ी के पास खुद को साबित करने के लिए महज़ चंद सेकंड या मिनिट होते हैं |

OLYMPIC 2020 MEDALS

मैडल मिलना ओलम्पिक खेलों में वो महान क्षण होता है जब राष्ट्रगान की धुन के साथ विश्व में अपने देश का ध्वज फहराता है और हर खिलाड़ी में गर्व और ख़ुशी के मिश्रित भाव लिए आंसू छलक पड़ते हैं इसलिए हर ओलिंपिक में मेडल्स की डिजाईन और निर्माण का काम बहुत महत्त्वपूर्ण होता है | ‘TOKYO 2020 MEDAL PROJECT’ के तहत पूरे जापान के नागरिकों से मैडल के लिए डिजाईन आमंत्रित की गयी थीं | इन मेडल्स को RECYCLED MATERIAL से बनाया जा रहा है | ENVIRONMENT FRIENDLY तरीकों से बनाये जा रहे इन मेडल्स में हर जापानी नागरिक ने इलेक्ट्रॉनिक गुड्स देकर सहयोग दिया है |

आपके लिए यह जानना रोचक होगा कि गोल्ड मैडल में सिर्फ़ 6 ग्राम सोना होता है | प्रत्येक ओलम्पिक मेडल कम से कम 3 मिमी मोटा थिकनेस और 60 मिमी डायमीटर का होना चाहिए | ओलम्पिक 2020 और पैरालम्पिक खेलों के लिए 5000 मेडल्स तैयार किए गये हैं |

भारत की उम्मीदें ( indians and their hopes in olympics )

2012 लंदन ओलम्पिक की सफलता से उत्साहित खेल मंत्रालय ने कहा था कि 2020  के ओलिंपिक में हम कमसे कम 25 मेडल्स का लक्ष्य लेकर चलेंगे | 2019 में अब यदि अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में भारत का पिछले कुछ सालों का प्रदर्शन देखा जाए तो भारत ने निश्चित रूप से बैडमिंटन, एथलेटिक्स विशेषतः स्प्रिन्टिंग, जिमनास्टिक्स ,कुश्ती, बॉक्सिंग और निशानेबाजी में बेहतरीन प्रदर्शन किया है | पी वी सिन्धु, हिमा दास, द्युति चंद, बजरंग पूनिया, सौरभ चौधरी जैसे खिलाडियों से करोड़ों उम्मीदें जुडी होंगी |

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